Floating WhatsApp Button   WhatsApp Icon

10 साल बाद फिर शुरू हुआ 1 वर्षीय B.Ed कोर्स B.Ed 1 Year Course – अब सिर्फ ₹20,000–₹30,000 फीस में बनें शिक्षक

B.Ed 1 Year Course : भारत में शिक्षक बनने का सपना देखने वाले लाखों युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। लगभग 10 साल बाद फिर से 1 वर्षीय B.Ed कोर्स शुरू करने की प्रक्रिया पर चर्चा तेज हो गई है। पहले जहां B.Ed दो साल का अनिवार्य कोर्स था, वहीं अब नई शिक्षा नीतियों और प्रस्तावित बदलावों के बाद एक वर्षीय B.Ed कोर्स को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं। खास बात यह है कि कई संस्थानों में इसकी संभावित फीस ₹20,000 से ₹30,000 के बीच बताई जा रही है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को बड़ी राहत मिल सकती है।

शिक्षा के क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए यह अवसर बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। खासकर वे छात्र जिन्होंने पहले से ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन कर रखा है, उनके लिए 1 वर्षीय B.Ed कोर्स समय और पैसे दोनों की बचत कर सकता है।

क्या है 1 वर्षीय B.Ed कोर्स और क्यों हो रहा है चर्चा में?

1 वर्षीय B.Ed कोर्स एक पेशेवर शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसे उन उम्मीदवारों के लिए तैयार किया जाता है जिन्होंने पहले से ही उच्च शिक्षा प्राप्त की हो। पूर्व में यह कोर्स 1 वर्ष का हुआ करता था, लेकिन बाद में इसे 2 वर्ष का कर दिया गया था। अब फिर से इसे सीमित पात्रता के साथ एक वर्ष का करने पर विचार हो रहा है।

सोने का भाव आज का 12 फरवरी 2026 sonne ka bhaav 12 feb 2026 : बढ़े रेट, जानें अपने शहर में 24K, 22K, 18K, 14K सोने के दाम

नई शिक्षा नीति 2020 के तहत शिक्षक शिक्षा में कई बदलाव किए गए हैं। इसके अंतर्गत 4 वर्षीय इंटीग्रेटेड B.Ed, 2 वर्षीय B.Ed और विशेष परिस्थितियों में 1 वर्षीय B.Ed कोर्स का प्रावधान चर्चा में है।

1 वर्षीय B.Ed कोर्स 2026 – मुख्य जानकारी 

विवरण जानकारी
कोर्स का नाम 1 वर्षीय B.Ed
अवधि 1 वर्ष
पात्रता पोस्ट ग्रेजुएशन या 4 वर्षीय ग्रेजुएशन
अनुमानित फीस ₹20,000 – ₹30,000
प्रवेश प्रक्रिया मेरिट या प्रवेश परीक्षा
मान्यता NCTE / विश्वविद्यालय
करियर विकल्प सरकारी / निजी स्कूल शिक्षक

कौन कर सकता है 1 Year B.Ed Course?

इस कोर्स में प्रवेश के लिए आमतौर पर वही छात्र पात्र होंगे जिन्होंने पोस्ट ग्रेजुएशन किया हो या 4 वर्षीय स्नातक डिग्री पूरी की हो। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कोर्स उन अभ्यर्थियों के लिए फायदेमंद होगा जो पहले से विषय में गहरी समझ रखते हैं और सीधे शिक्षण क्षेत्र में आना चाहते हैं।

इसके अलावा न्यूनतम 50% अंक (आरक्षित वर्ग के लिए छूट संभव) की शर्त लागू हो सकती है। हालांकि अंतिम पात्रता मानदंड संबंधित विश्वविद्यालय या नियामक संस्था द्वारा तय किए जाएंगे।

फीस ₹20,000–₹30,000 कैसे संभव है?

कई सरकारी और अर्ध-सरकारी संस्थान कम फीस में B.Ed कोर्स उपलब्ध कराते हैं। निजी कॉलेजों में फीस अधिक हो सकती है, लेकिन सरकारी संस्थानों में सब्सिडी और छात्रवृत्ति के कारण फीस कम रहती है।

यदि राज्य सरकारें और विश्वविद्यालय 1 वर्षीय कोर्स को पुनः लागू करते हैं, तो ग्रामीण और मध्यम वर्ग के छात्रों को बड़ी राहत मिल सकती है।

शिक्षक बनने के लिए सुनहरा मौका

भारत में हर साल हजारों शिक्षक पदों पर भर्ती निकलती है, जैसे कि TGT, PGT, प्राथमिक शिक्षक और राज्य स्तरीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET)। B.Ed डिग्री इन पदों के लिए अनिवार्य होती है। ऐसे में 1 वर्षीय B.Ed कोर्स युवाओं को कम समय में योग्य शिक्षक बनने का अवसर देगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में योग्य शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए भी यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्रवेश प्रक्रिया कैसी होगी?

प्रवेश प्रक्रिया राज्य और विश्वविद्यालय के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। कुछ संस्थान मेरिट के आधार पर प्रवेश देंगे, जबकि कुछ प्रवेश परीक्षा आयोजित कर सकते हैं।

ऑनलाइन आवेदन, दस्तावेज सत्यापन और काउंसलिंग प्रक्रिया के बाद अंतिम चयन किया जा सकता है।

करियर और वेतन संभावनाएं

B.Ed करने के बाद उम्मीदवार सरकारी और निजी स्कूलों में शिक्षक के रूप में कार्य कर सकते हैं। सरकारी स्कूलों में शुरुआती वेतन ₹35,000 से ₹60,000 प्रति माह तक हो सकता है, जबकि निजी स्कूलों में यह संस्थान के अनुसार भिन्न हो सकता है।

अनुभव और योग्यता बढ़ने के साथ वेतन में वृद्धि की संभावना भी रहती है।

महत्वपूर्ण दस्तावेज (संभावित)

आवश्यक दस्तावेज विवरण
ग्रेजुएशन / PG मार्कशीट सभी सेमेस्टर
आधार कार्ड पहचान प्रमाण
निवास प्रमाण पत्र राज्य स्तर प्रवेश हेतु
जाति प्रमाण पत्र यदि लागू हो
पासपोर्ट साइज फोटो हालिया

प्रश्न 1: क्या 1 वर्षीय B.Ed कोर्स आधिकारिक रूप से शुरू हो चुका है?

उत्तर: विभिन्न राज्यों और संस्थानों में इस पर चर्चा जारी है। आधिकारिक अधिसूचना संबंधित विश्वविद्यालय या NCTE द्वारा जारी की जाएगी।

प्रश्न 2: क्या 1 साल का B.Ed मान्य होगा?

उत्तर: यदि यह NCTE से मान्यता प्राप्त होगा, तो यह पूरी तरह वैध माना जाएगा।

प्रश्न 3: फीस वास्तव में ₹20,000–₹30,000 होगी?

उत्तर: सरकारी संस्थानों में फीस इस सीमा में हो सकती है, जबकि निजी कॉलेजों में अधिक हो सकती है।

प्रश्न 4: क्या इस कोर्स के बाद सरकारी नौकरी मिल सकती है?

उत्तर: हां, B.Ed डिग्री के बाद TET या अन्य भर्ती परीक्षाएं पास कर सरकारी शिक्षक बन सकते हैं।

प्रश्न 5: क्या सभी छात्रों के लिए 1 वर्षीय B.Ed उपलब्ध होगा?

उत्तर: यह पात्रता मानदंड पर निर्भर करेगा। आमतौर पर उच्च योग्यता वाले छात्रों के लिए यह विकल्प हो सकता है।

निष्कर्ष

10 साल बाद 1 वर्षीय B.Ed कोर्स की वापसी शिक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव साबित हो सकती है। कम फीस और कम अवधि के कारण यह लाखों युवाओं के लिए सुनहरा अवसर है। यदि आप शिक्षक बनने का सपना देखते हैं, तो इस नई पहल पर नजर बनाए रखें और आधिकारिक सूचना जारी होते ही आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।

यह कोर्स समय, पैसा और ऊर्जा की बचत के साथ करियर को नई दिशा दे सकता है। आने वाले समय में शिक्षा क्षेत्र में यह एक बड़ा परिवर्तन साबित हो सकता है।

Leave a Comment